एक श्याम
एक मैं
एक वो
एक चाय
एक कॉफ़ी
दो समोसे
थोड़ी झिझक
थोड़े खामोश लम्हे
थोड़ी वो आशिक़
थोड़ा मैं दीवाना

फिर, धुंदला चाँद
थोड़े सितारे
एक ठेला
दो चाय
कुछ बिस्कुट
एक एहसास
एक लम्बी राह
मेरे झूठे किस्से
उसकी जलन 
और कुछ नखरीली उँगलियाँ
झुकी नज़रे 
दबी मुस्कान
थोड़ी बेताप वो
थोड़ा शर्मीला मैं

सर्द सुबह
नीला आसमान
एक घर 
दो कॉफ़ी
खामोश होंठ
मुस्कुराती निगाहे 
और उसकी भिंडी
और मेरे पराठे
और एक सिनेमा
एक कन्धा
एक सिर
उलझी उंगलिया
एक सुकून
एक इश्क़

फिर वही श्याम
एक टापरी
एक ठंडी चाय
एक ठंडी कॉफ़ी
दो अनछुए समोसे
एक नया वादा
भीगी पलके
भीची कलाइयां
एक चीख़ती बस 
एक अनचाहा सफर
एक ख्वाइश 
एक घर 
एक वो 
एक मैं
एक हम

© Jayesh Sharma

Image by: @abhiandnow

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